असली इज़्ज़त April 10, 2026 घर के आँगन में आज असामान्य चहल-पहल थी। कुर्सियाँ सज रही थीं, मेज़ पर नई चादर बिछाई जा रही थी, और रसोई से लगातार बर्तनों की आवाज़ आ रही थी।...Read More
सीमा की रेखा April 10, 2026 कमरे के बीचों-बीच रखी डाइनिंग टेबल पर प्लेटें सजी थीं, लेकिन खाने की खुशबू के बावजूद माहौल में एक अजीब सी कड़वाहट घुली हुई थी। "मैं अ...Read More
समझ की विरासत April 10, 2026 कमरे में फैले कपड़ों, गिफ्ट पैकेट्स और आधे खुले सूटकेस के बीच मैं फर्श पर ही टेक लगाकर बैठी थी। हाथ में सिया का शादी वाला कार्ड था, लेकिन ...Read More
नई पहचान April 09, 2026 शहर के एक शांत मोहल्ले में सुबह की हल्की धूप घर के आँगन में फैल रही थी। घर के बाहर रंगोली बनी थी, दरवाज़े पर फूलों की झालर लगी थी और अंदर ...Read More
इज़्ज़त की असली कीमत April 09, 2026 कविता चुपचाप रसोई में खड़ी सब्ज़ी काट रही थी। हाथ अपने काम में लगे थे, लेकिन दिमाग सुबह की बातों में उलझा हुआ था। आज फिर वही हुआ था। ननद प...Read More
वक़्त का आईना April 09, 2026 आँगन में रखी पुरानी चारपाई आज फिर धूप में डाली गई थी, लेकिन उस पर बैठने वाला कोई नहीं था। गांव के लोग कहते थे—“रामदीन काका पहले कितने खुशम...Read More
खाली समय का बोझ April 09, 2026रसोई से आती हल्की-हल्की मसालों की खुशबू पूरे घर में फैल रही थी, लेकिन उस खुशबू में अब वह अपनापन नहीं था जो कभी इस घर की पहचान हुआ करता था। ड...Read More