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फैसले की असली कीमत

March 25, 2026
  दरवाज़े के बाहर रखे जूतों की कतार देखकर ही निशा समझ गई कि घर के अंदर फिर कोई तूफ़ान खड़ा है। उसने धीरे से कुंडी खोली। अंदर कदम रखते ही उसे...Read More

समझ का साथ

March 24, 2026
  शाम ढल रही थी। घर के आँगन में हल्की हवा चल रही थी, लेकिन घर के अंदर का माहौल कुछ भारी सा था। रीमा रसोई में खड़ी थी। गैस पर दाल चढ़ी हुई थी...Read More

सपनों की उड़ान

March 19, 2026
  घर के छोटे से कमरे में चारों तरफ किताबें बिखरी हुई थीं, लेकिन उन किताबों को छूने का हक राधा को नहीं था। “तूने मेरी किताबों को हाथ कैसे लगा...Read More

इज्जत की कीमत

March 18, 2026
  घर के आँगन में हलचल तो थी, लेकिन उस हलचल के बीच रचना का मन बिल्कुल शांत नहीं था। वो रसोई के दरवाजे पर खड़ी सब कुछ देख रही थी—सास सरोज जी स...Read More

जिम्मेदारी का असली हक

March 17, 2026
  घर के आँगन में हल्की धूप बिखरी हुई थी। रसोई से चाय की खुशबू आ रही थी, लेकिन घर का माहौल अजीब सा भारी था। रीना चुपचाप रसोई में खड़ी सब्ज़ी ...Read More

झूठ की परतें

March 17, 2026
  घर के अंदर हर कोई अपने-अपने काम में व्यस्त था, लेकिन माहौल में एक अजीब सी खामोशी घुली हुई थी, जैसे कुछ अनकहा हर कोने में छुपा बैठा हो। ...Read More
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