खामोश दीवारों का घर
आदित्य अपने लैपटॉप के सामने बैठा था। स्क्रीन पर ग्राफ, ईमेल और मीटिंग्स की लंबी लिस्ट थी। फोन लगातार बज रहा था। “हाँ, डील फाइनल कर दो… नही...Read More
आदित्य अपने लैपटॉप के सामने बैठा था। स्क्रीन पर ग्राफ, ईमेल और मीटिंग्स की लंबी लिस्ट थी। फोन लगातार बज रहा था। “हाँ, डील फाइनल कर दो… नही...