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पेंशन की पोटली

  सुबह की हल्की धूप आँगन में उतर रही थी। तुलसी के पास दिया अभी भी टिमटिमा रहा था। घर में चाय की खुशबू फैली हुई थी। सावित्री देवी अपनी पुरानी...

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पेंशन की पोटली

February 26, 2026
  सुबह की हल्की धूप आँगन में उतर रही थी। तुलसी के पास दिया अभी भी टिमटिमा रहा था। घर में चाय की खुशबू फैली हुई थी। सावित्री देवी अपनी पुरानी...Read More

सपनों वाली बहू

February 26, 2026
  सुबह का समय था। आँगन में धूप हल्की-हल्की फैल रही थी। रीमा अपनी सास कमला देवी के साथ रसोई में नाश्ता बना रही थी। तभी उसके ससुर रामप्रसाद जी...Read More

अधूरी चिट्ठी की मिठास

February 26, 2026
शाम का समय था। आँगन में तुलसी के पास दिया जल रहा था। मीरा चुपचाप बैठी पुरानी अलमारी साफ कर रही थी। शादी को अभी छह महीने ही हुए थे। नया घर, न...Read More

अब यह घर तुम्हारा है

February 26, 2026
  “सीमा… ज़रा जल्दी करो, मेहमान आने वाले हैं।” बड़ी भाभी की तेज़ आवाज़ रसोई तक पहुँची तो सीमा ने जल्दी से हाथ धोए और दुपट्टा ठीक किया। उम्र ...Read More

संस्कार या संपत्ति?

February 25, 2026
  शाम ढल रही थी। आरती जब अपने मायके से लौटकर ससुराल पहुँची, तो दरवाज़े पर ही उसे अजीब सा सन्नाटा महसूस हुआ। बरामदे में सास कमला देवी और बड़ी...Read More

समझ का सफर

February 25, 2026
  सुबह की हल्की ठंडी हवा खिड़की से अंदर आ रही थी। रसोई में चाय उबलने की आवाज़ और टोस्ट सिकने की खुशबू फैल रही थी। घर में आज खास रौनक थी — क्...Read More

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