पहली रसोई, पहली पहचान
सुबह का समय था। घर के आँगन में हल्की धूप उतर आई थी। दरवाज़े के पास आम के पत्तों की तोरण झूल रही थी और ज़मीन पर रंगोली अब भी ताज़ी लग रही थी।...Read More
सुबह का समय था। घर के आँगन में हल्की धूप उतर आई थी। दरवाज़े के पास आम के पत्तों की तोरण झूल रही थी और ज़मीन पर रंगोली अब भी ताज़ी लग रही थी।...