प्रेरक कहानी

पारिवारिक कहानी

दो आँगन, एक रिश्ता

गाँव के किनारे बसे एक छोटे से इलाके में दो बहनें रहती थीं — मीरा और नंदिनी। मीरा बड़ी थी। उसकी शादी शहर के एक बड़े बिज़नेसमैन राघव से हुई थी...

Ad Home

दो आँगन, एक रिश्ता

February 03, 2026
गाँव के किनारे बसे एक छोटे से इलाके में दो बहनें रहती थीं — मीरा और नंदिनी। मीरा बड़ी थी। उसकी शादी शहर के एक बड़े बिज़नेसमैन राघव से हुई थी...Read More

बस कुछ दिन के लिए…

February 03, 2026
  रात के करीब दस बज रहे थे। घर में सब सो चुके थे, लेकिन रसोई की हल्की-सी पीली रोशनी अब भी जली हुई थी। रीमा चुपचाप बर्तन धो रही थी। पानी की आ...Read More

अब हम खुद संभाल लेंगे

February 02, 2026
  सुबह के साढ़े छह बजे थे। रसोई में चाय उबल रही थी और गैस की धीमी आंच पर दाल चढ़ी थी। सरला देवी चाय छानते हुए बोलीं— “हर महीने वही तीन हज़ार...Read More

उसके हिस्से की धूप

February 02, 2026
शाम के लगभग साढ़े आठ बज रहे थे। बस से उतरते समय सीमा के पैरों में जैसे जान ही नहीं बची थी। दिनभर खड़ी रहकर काम करना, फिर लोकल ट्रेन की धक्का...Read More

Tennis

Racing

Powered by Blogger.