गलतफ़हमी की दीवार
सुबह का समय था। मोहल्ले में चाय की खुशबू फैल रही थी। औरतें दरवाज़े के बाहर झाड़ू लगा रही थीं और बच्चों को स्कूल भेजने की तैयारी चल रही थी। उ...Read More
सुबह का समय था। मोहल्ले में चाय की खुशबू फैल रही थी। औरतें दरवाज़े के बाहर झाड़ू लगा रही थीं और बच्चों को स्कूल भेजने की तैयारी चल रही थी। उ...