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अनामिका की दोपहर

  अनामिका ने अलमारी बंद की। कपड़ों की तह ठीक करते-करते उसे पता ही नहीं चला कि घड़ी तीन बजा चुकी है। रसोई साफ़ थी। फर्श चमक रहा था। बच्चे ट्य...

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अनामिका की दोपहर

February 16, 2026
  अनामिका ने अलमारी बंद की। कपड़ों की तह ठीक करते-करते उसे पता ही नहीं चला कि घड़ी तीन बजा चुकी है। रसोई साफ़ थी। फर्श चमक रहा था। बच्चे ट्य...Read More

अपना घर

February 16, 2026
  रीमा सुबह से ही घर के कामों में लगी थी। कभी रसोई में चाय बना रही थी, तो कभी सास-ससुर के कमरे में जाकर देख आती कि उन्हें किसी चीज़ की ज़रूर...Read More

अधूरा घर

February 15, 2026
छोटे से गांव में रमेश चौधरी का एक साधारण सा घर था। घर बड़ा नहीं था, लेकिन उसमें अपनापन बहुत था। पत्नी सावित्री, बेटा निखिल और बेटी कृतिका — ...Read More

ममता का नया आसमान

February 15, 2026
  नेहा हर दिन की तरह सुबह जल्दी उठी। उसने अपने छह साल के बेटे आरव को स्कूल के लिए तैयार किया और खुद भी ऑफिस जाने की तैयारी करने लगी। नेहा एक...Read More

हरी चूड़ियों की खनक

February 15, 2026
मेरा नाम कमला बाई है। उम्र 60 साल। मैं शहर के छोटे से रेलवे स्टेशन के बाहर चाय का ठेला लगाती हूँ। सुबह चार बजे उठकर चूल्हा जलाती हूँ, अदरक क...Read More

खामोश दीवारों से बाहर

February 14, 2026
सर्दियों की कड़वी रात थी। घड़ी में दो बज रहे थे। शहर के पुराने हिस्से में स्थित त्रिपाठी परिवार का मकान आधा अंधेरे में डूबा था। अगले दिन घर ...Read More

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