प्रेरक कहानी

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घर का स्वाद

नेहा ने जैसे ही ससुराल की रसोई में कदम रखा, उसे पहली ही बात समझ आ गई थी— यहाँ चूल्हा सिर्फ नाम का था। किचन में माइक्रोवेव था, एयर फ्रायर था,...

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घर का स्वाद

February 08, 2026
नेहा ने जैसे ही ससुराल की रसोई में कदम रखा, उसे पहली ही बात समझ आ गई थी— यहाँ चूल्हा सिर्फ नाम का था। किचन में माइक्रोवेव था, एयर फ्रायर था,...Read More

चुपचाप रखी चाबी

February 08, 2026
सरोज देवी को कमर में हमेशा दर्द रहता था। दर्द ऐसा कि सुबह उठते ही पहले हाथ दीवार पर टिकता, फिर ज़मीन पर पाँव पड़ता। डॉक्टर ने साफ कह दिया था...Read More

खामोश कुर्सी

February 07, 2026
शादी का घर था। ढोलक की थाप चल रही थी, और आँगन में लोग ऐसे घूम रहे थे जैसे सबके पास कोई न कोई ज़िम्मेदारी हो— सिवाय मेरे। मैं कुर्सी पर बैठा ...Read More

चाय में चीनी कम थी

February 07, 2026
सुबह के साढ़े पाँच बजे थे। अलार्म बजने से पहले ही राधिका की नींद खुल चुकी थी। कमर में हल्का दर्द था, लेकिन आदत बन चुकी थी—दर्द से पहले ज़िम्...Read More

बहनें और बदलती किस्मत

February 06, 2026
हल्द्वानी शहर के एक पुराने मोहल्ले में दो बहनें रहती थीं — सरोज और कविता, अपनी माँ शारदा देवी के साथ। माँ रोज़ सुबह मंदिर जाती, और लौटते समय...Read More

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