प्रेरक कहानी

पारिवारिक कहानी

सोने का मोह

गांव के एक छोटे से घर में शारदा अपने परिवार के साथ रहती थी। उसके पति रमेश एक छोटी सी नौकरी करते थे। घर में एक बेटा अर्जुन और दो बेटियां रीमा...

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सोने का मोह

February 12, 2026
गांव के एक छोटे से घर में शारदा अपने परिवार के साथ रहती थी। उसके पति रमेश एक छोटी सी नौकरी करते थे। घर में एक बेटा अर्जुन और दो बेटियां रीमा...Read More

अधूरा वादा

February 12, 2026
रात के करीब साढ़े बारह बजे थे। कमरे में पंखा चल रहा था, फिर भी महेश बाबू को नींद नहीं आ रही थी। वे बार-बार करवट बदल रहे थे। “क्या हुआ? नींद ...Read More

दो रास्ते

February 10, 2026
रात के लगभग ग्यारह बजे थे। घर की लाइटें जल रही थीं, लेकिन माहौल बुझा-बुझा था। दरवाज़ा ज़ोर से खुला। “ये क्या तरीका है, काव्या?” पापा की आवाज...Read More

पहली रसोई, पहली पहचान

February 09, 2026
सुबह का समय था। घर के आँगन में हल्की धूप उतर आई थी। दरवाज़े के पास आम के पत्तों की तोरण झूल रही थी और ज़मीन पर रंगोली अब भी ताज़ी लग रही थी।...Read More

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