समझ का एक दिन April 07, 2026 सुमित्रा देवी गैस के सामने खड़ी थीं। एक हाथ से सब्ज़ी चला रही थीं और दूसरे हाथ से कमर पकड़कर दर्द सह रही थीं। चेहरे पर थकान थी, लेकिन आदत ...Read More
डर के उस पार April 06, 2026 अचानक जोर से दरवाज़ा बंद होने की आवाज़ आई और प्रिया की आँख खुल गई। उसने घबराकर उठते हुए घड़ी देखी—आठ बजकर दस मिनट। उसका दिल जैसे धक से रह ...Read More
जब सास को बहू का दर्द समझ आया April 05, 2026 “दरवाज़े पर रखी चप्पलों की उलझी हुई कतार देखकर ही सुनीता समझ गई कि घर के अंदर फिर वही तनाव फैला हुआ है।” वह धीरे-धीरे अंदर आई। पेट पर हाथ ...Read More
मन की खिड़की April 03, 2026 खिड़की के बाहर हल्की-हल्की बारिश हो रही थी। बूंदें कांच पर गिरकर जैसे कोई पुरानी धुन बजा रही थीं। सुमित्रा देवी चुपचाप कुर्सी पर बैठी बाहर...Read More
घर दीवारों से नहीं, दिलों से बनता है March 19, 2026 शाम का वक्त था। आँगन में हल्की ठंडी हवा चल रही थी और रसोई से तड़के की खुशबू पूरे घर में फैल रही थी। घर में सब कुछ सामान्य दिख रहा था, लेकि...Read More
सास की अग्नि परीक्षा March 16, 2026 शाम का समय था। शहर के पॉश इलाके में बने रूपकिशोर जी के बड़े से बंगले में आज माहौल थोड़ा तनाव भरा था। ड्रॉइंग रूम में रूपकिशोर जी सोफे पर ब...Read More
भरोसे की विरासत March 12, 2026 शाम का समय था। आँगन में नीम के पेड़ की छाया लंबी होती जा रही थी और हवा में हल्की ठंडक घुलने लगी थी। घर के बरामदे में लकड़ी की कुर्सी पर बै...Read More