गाँव के किनारे बसे एक छोटे से इलाके में दो बहनें रहती थीं — मीरा और नंदिनी। मीरा बड़ी थी। उसकी शादी शहर के एक बड़े बिज़नेसमैन राघव से हुई थी...Read More
शाम के लगभग साढ़े आठ बज रहे थे। बस से उतरते समय सीमा के पैरों में जैसे जान ही नहीं बची थी। दिनभर खड़ी रहकर काम करना, फिर लोकल ट्रेन की धक्का...Read More
सुबह के ठीक साढ़े सात बजे थे। रसोई में प्रेशर कुकर की सीटी गूँज रही थी और ड्रॉइंग रूम में स्कूल बैग खुला पड़ा था। नेहा एक हाथ से चाय छान रही...Read More
दोपहर के ढाई बजे थे। ऑफिस में सन्नाटा पसरा हुआ था। एसी की ठंडी हवा में भी अरुण के माथे पर हल्की सिलवटें थीं। कंप्यूटर स्क्रीन पर एक्सेल शीट ...Read More
अमन को इस कॉलोनी में आए अभी ज़्यादा दिन नहीं हुए थे। सरकारी नौकरी लगी थी, इसलिए शहर बदलना पड़ा। कॉलोनी साफ़-सुथरी थी, लोग अपने-अपने काम में ...Read More