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बस कुछ दिन के लिए…

February 03, 2026
  रात के करीब दस बज रहे थे। घर में सब सो चुके थे, लेकिन रसोई की हल्की-सी पीली रोशनी अब भी जली हुई थी। रीमा चुपचाप बर्तन धो रही थी। पानी की आ...Read More

डिग्री से बड़ी समझ

February 01, 2026
दोपहर के ढाई बजे थे। ऑफिस में सन्नाटा पसरा हुआ था। एसी की ठंडी हवा में भी अरुण के माथे पर हल्की सिलवटें थीं। कंप्यूटर स्क्रीन पर एक्सेल शीट ...Read More

जब माँ ने बहू खो दी

January 28, 2026
  नीरजा की शादी को अभी दो ही साल हुए थे। वह पढ़ी-लिखी, शांत स्वभाव की लड़की थी। एम.ए. करके वह कॉलेज में पढ़ाना चाहती थी, लेकिन शादी के बाद उ...Read More

चुप्पी जब रो पड़ी

January 26, 2026
  सुबह के साढ़े पाँच बजे थे। रसोई में चूल्हा जल रहा था, और शालिनी की आँखें अभी पूरी खुली भी नहीं थीं। कलाइयों में दर्द था, लेकिन हाथ फिर भी ...Read More

कर्ज़ में दबा एक पिता

January 24, 2026
रात के ग्यारह बज रहे थे। घर में सब सो चुके थे। बच्चों के कमरे से धीमी-सी साँसों की आवाज़ आ रही थी। नीलम दरवाज़े के पास खड़ी, अपने दोनों बेटो...Read More
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