रिश्ते भी रहें, मैं भी रहूँ May 04, 2026 आँगन में हल्की हवा चल रही थी, और घर के अंदर कामकाज की धीमी आवाज़ें गूँज रही थीं। मैं रसोई में खड़ी सब्ज़ी काट रही थी कि तभी दरवाज़े पर हल्...Read More
रिश्तों की असली कीमत May 03, 2026गांव के एक छोटे से कच्चे घर में जन्मी थी किरण। घर में गरीबी थी, लेकिन प्यार की कोई कमी नहीं थी। उसके पिता रामू खेतों में मजदूरी करते थे और म...Read More
घर का असली सम्मान May 03, 2026 दीवार पर टंगी घड़ी की सुइयाँ अपनी रफ्तार से चल रही थीं, लेकिन सविता देवी का मन जैसे किसी पुराने समय में अटका हुआ था। हाथों में पूजा की थाल...Read More
जब रिश्तों ने नई शुरुआत की May 02, 2026 रश्मि अपने कमरे में बैठी थी। आँखें सूजी हुई थीं, लेकिन इस बार वह रो नहीं रही थी। जैसे आँसू भी थक चुके हों। सामने उसकी तीन साल की बेटी काव्...Read More
अब डर नहीं, हक़ मिलेगा May 02, 2026 “तुमसे जितना हो सके उतना काम कर लो, बाद में आराम ही करना है…” सास की यह बात सुनकर सीमा ने अपने सूजे हुए पैरों की तरफ देखा और चुपचाप झाड़ू ...Read More
अधूरी सी मुस्कान May 02, 2026 रीता लगभग 41 साल की एक गृहिणी थी। उसका घर बड़ा था, परिवार भी अच्छा-खासा था। पति की अच्छी नौकरी थी, पैसों की कोई कमी नहीं थी। तीन बेटे थे—ब...Read More
साथ चलने से ही सफर आसान होता है April 30, 2026 सुबह की हल्की धूप आँगन में उतर रही थी। हवा में ठंडक थी, लेकिन घर के अंदर आज एक अलग ही गर्माहट महसूस हो रही थी—उम्मीद की गर्माहट। करीब डेढ़...Read More
बचत का सम्मान April 30, 2026 आँगन में रखे पुराने नीम के पेड़ की छाँव आज कुछ अलग ही सुकून दे रही थी, लेकिन घर के अंदर माहौल हल्का-सा तनाव भरा था। पूजा चुपचाप रसोई में स...Read More
चुप रहने की कीमत April 28, 2026 घर में सुबह का समय था, लेकिन माहौल में ताजगी नहीं… बल्कि एक अनकहा तनाव फैला हुआ था। निधि आज भी सबसे पहले उठी थी। उसने चुपचाप किचन संभाल लि...Read More