कमरे में हल्की-सी खामोशी पसरी हुई थी, लेकिन उस खामोशी के भीतर नंदिनी के मन में तूफान चल रहा था। टेबल पर रखा मोबाइल बार-बार चमक रहा था—भाई का...Read More
“पंडित जी, आप कैसी बातें कर रहे हैं? जिस घर में एक भी औरत नहीं है, वहाँ मैं अपनी बेटी को कैसे भेज दूँ?” ममता की आवाज़ गुस्से और चिंता से काँ...Read More