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अधूरी सी मुस्कान

May 02, 2026
  रीता लगभग 41 साल की एक गृहिणी थी। उसका घर बड़ा था, परिवार भी अच्छा-खासा था। पति की अच्छी नौकरी थी, पैसों की कोई कमी नहीं थी। तीन बेटे थे—ब...Read More

बदलाव की शुरुआत

April 29, 2026
  शाम का समय था… हल्की ठंडी हवा चल रही थी और मोहल्ले के बच्चे गली में क्रिकेट खेल रहे थे। उसी गली के एक घर की बालकनी में खड़ी थी संध्या, जो ...Read More

रोटी में कमी नहीं, सोच में थी — एक बेटी का स्वाभिमान

April 28, 2026
  दरवाज़े के बाहर खड़ी बारात की गाड़ियाँ एक-एक करके सजकर तैयार थीं, लेकिन घर के आँगन में खामोशी कुछ ज़्यादा ही गहरी हो गई थी। विदाई का समय थ...Read More

दीवार के उस पार

April 27, 2026
  दोपहर ढलने को थी। धूप धीरे-धीरे टिन की छत पर चढ़ती जा रही थी और गर्मी से पूरा कमरा तंदूर जैसा हो गया था। गीता फर्श पर बैठी थी। सामने सिलाई...Read More

गलत को नाम देना जरूरी है

April 25, 2026
  दरवाज़े पर लगी घंटी बार-बार बज रही थी… निधि ने घड़ी की तरफ देखा—रात के साढ़े नौ बज चुके थे। इतनी देर से कौन हो सकता है? दरवाज़ा खोलते ही स...Read More

खामोश परवाह

April 20, 2026
  सुबह का उजाला धीरे-धीरे कमरे में फैल रहा था, लेकिन घर का माहौल अभी भी चुप और थमा हुआ सा था। नेहा की आंख खुली तो उसने देखा—कमरे में रोशनी क...Read More

एक थाली की कीमत

April 18, 2026
  रेलवे स्टेशन के बाहर हलचल अपने पूरे शोर पर थी। गाड़ियों का आना-जाना, चाय वालों की आवाजें, और भीड़ में खोए हुए चेहरे—सब कुछ सामान्य था, लेक...Read More
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