रोहन और साक्षी की पहली मुलाक़ात मुंबई के एक कॉर्पोरेट ट्रेनिंग सेशन में हुई थी। दोनों अलग-अलग कंपनियों से आए थे, नाम की पट्टी छाती पर लगी थी...Read More
दोपहर के ढाई बजे थे। ऑफिस में सन्नाटा पसरा हुआ था। एसी की ठंडी हवा में भी अरुण के माथे पर हल्की सिलवटें थीं। कंप्यूटर स्क्रीन पर एक्सेल शीट ...Read More
बात उन दिनों की है, जब मैं जयपुर में रहता था। सरकारी सेवा में था और लोगों का मार्गदर्शन करना मेरे काम का हिस्सा था। मकान छोटा था, पर दरवाज़ा...Read More
सुनीता की शादी को पाँच साल हो चुके थे। वो अपने ससुराल में एक समझदार, सुलझी हुई बहू के रूप में जानी जाती थी। पति रोहन एक प्राइवेट कंपनी में अ...Read More
सुबह का समय था। सर्दियों की हल्की धूप आँगन में फैल रही थी। शिल्पा बालकनी में खड़ी होकर चाय पी रही थी। नीचे गली में बच्चे खेल रहे थे और उनकी ...Read More