अपनी उड़ान की कीमत

March 21, 2026
कमरे में हल्की-सी खामोशी पसरी हुई थी, लेकिन उस खामोशी के भीतर नंदिनी के मन में तूफान चल रहा था। टेबल पर रखा मोबाइल बार-बार चमक रहा था—भाई का...Read More

पहचान का असली रंग

March 21, 2026
  शाम ढल रही थी। शहर की सड़कों पर हल्की-हल्की रोशनी जलने लगी थी। उसी भीड़-भाड़ के बीच मीरा अपने ऑफिस से घर लौट रही थी। हाथ में बैग, चेहरे पर...Read More

बराबरी की असली कीमत

March 21, 2026
  शाम का समय था। बाहर हल्की-हल्की ठंडी हवा चल रही थी, लेकिन घर के अंदर का माहौल गर्म और भारी था। कविता रसोई में खड़ी चुपचाप चाय बना रही थी। ...Read More

चलते रहना ही जीवन है

March 20, 2026
  गाँव के उस पुराने घर के बरामदे में एक लकड़ी की चौकी पड़ी रहती थी। उसी चौकी पर दादाजी शाम को बैठा करते थे। सफेद धोती, हल्का-सा कुर्ता, आँखो...Read More
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