Showing posts with label Family Damra. Show all posts
Showing posts with label Family Damra. Show all posts

अब और नहीं

February 21, 2026
  रात के लगभग साढ़े दस बजे थे। अजय अपने कमरे में लैपटॉप बंद करने ही वाला था कि फोन बज उठा। “हेलो?” दूसरी तरफ से घबराई हुई आवाज़ आई — “जल्दी ...Read More

एक बोझ… जो दिखता नहीं

January 31, 2026
उस दिन घर में शोर नहीं था, लेकिन हर दीवार के भीतर कुछ टूट रहा था। घड़ी की टिक–टिक साफ़ सुनाई दे रही थी, जैसे हर सेकंड किसी पुराने ज़ख़्म को ...Read More

मिट्टी से सनी हथेलियाँ

January 30, 2026
  शहर की सबसे ऊँची इमारतों के बीच शर्मा परिवार का बंगला खड़ा था — चमकता हुआ, मगर ठंडा। घर में सब कुछ था, बस अपनापन नहीं। घर के मालिक सुरेश श...Read More
Powered by Blogger.