“नेहा… तुम ये नमक कम क्यों डालती हो?” पीछे से आई आवाज़ में सवाल कम, आदेश ज़्यादा था। नेहा ने चुपचाप सब्ज़ी में थोड़ा और नमक डाल दिया। घड़ी द...Read More
सुबह के ठीक चार बजे थे। पूरा घर गहरी नींद में डूबा हुआ था, लेकिन कमला देवी की नींद बरसों पहले ही उनसे रूठ चुकी थी। रसोई में जलती एक छोटी-सी ...Read More
उस दिन घर में शोर नहीं था, लेकिन हर दीवार के भीतर कुछ टूट रहा था। घड़ी की टिक–टिक साफ़ सुनाई दे रही थी, जैसे हर सेकंड किसी पुराने ज़ख़्म को ...Read More