अपना-पराया का हिसाब April 04, 2026 घर में हल्की-हल्की चहल-पहल थी। सुबह का समय था, लेकिन आज माहौल कुछ अलग था। वजह थी—घर में नई बहू का आना। रीना की शादी को अभी पंद्रह दिन ही ह...Read More
मायका सिर्फ माँ से नहीं, रिश्तों की सांसों से ज़िंदा रहता है April 04, 2026घर में हलचल थी, क्योंकि अगले दिन एक बड़ा धार्मिक कार्यक्रम रखा गया था। रिश्तेदारों के आने की तैयारी चल रही थी। रसोई में खड़ी थी संध्या—घर की...Read More
सम्मान की असली कीमत April 04, 2026 घर में आज कुछ खास होने वाला था। पूरे आँगन में रंगोली सजी थी, दीवारों पर फूलों की लड़ियाँ लटक रही थीं, और हर चेहरे पर एक अलग-सी चमक थी। वजह...Read More
अपने हिस्से की थाली April 04, 2026 घर में आज फिर वही भागदौड़ थी, लेकिन चेहरे पर थकान पहले से ज्यादा गहरी थी। निशा रसोई में खड़ी थी। गैस पर दाल चढ़ी थी, दूसरी तरफ सब्ज़ी बन र...Read More
औकात नहीं, एहसास बड़ा होता है April 04, 2026 सुबह का वक्त था, लेकिन आज घर में एक अलग सी हलचल थी। आँगन में झाड़ू लग चुकी थी, दरवाज़े पर पानी का छींटा दिया गया था, और तुलसी के पास दिया ...Read More
हक़ इंसानियत का April 04, 2026 घर के आँगन में हल्की-हल्की हवा चल रही थी। तुलसी के पास रखा दिया टिमटिमा रहा था, और उसी के पास बैठी सीमा अपने हाथों की लकीरों को जैसे पढ़ र...Read More
सबक जो घर से शुरू होता है April 04, 2026 सोनाली सोफे के कोने में चुपचाप बैठी थी। उसकी आँखें लाल थीं और चेहरा बुझा हुआ। सामने टेबल पर रखा फोन बार-बार बज रहा था, लेकिन उसने उठाने की...Read More