रसोई से आती हल्की-हल्की मसालों की खुशबू पूरे घर में फैल रही थी, लेकिन उस खुशबू में अब वह अपनापन नहीं था जो कभी इस घर की पहचान हुआ करता था। ड...Read More
दरवाज़े के पास रखी छोटी सी झूले वाली कुर्सी कई महीनों से वैसे ही पड़ी थी। हर आने-जाने वाला उसे देखकर एक ही बात कहता— “अरे, अब तो इसमें नन्हा...Read More
“भाभी, सच बताना… आपको ये सब व्रत-उपवास सच में अच्छे लगते हैं या बस निभाने के लिए करती हो?” ननद कृति ने हंसते हुए पूछा। नेहा थोड़ी देर चुप रह...Read More