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अधूरी आवाज़ का सहारा

May 05, 2026
बरसात के बाद की सुबह थी। आँगन में पानी की छोटी-छोटी बूंदें अब भी चमक रही थीं। घर के अंदर हल्की सी ठंडक थी, लेकिन माहौल में एक अजीब सा तनाव घ...Read More

यादों की कीमत

March 31, 2026
  सुबह की हल्की धूप खिड़की से अंदर आ रही थी। घर बहुत बड़ा था—ऊँची छत, चमचमाती फर्श, महंगे फर्नीचर और हर चीज़ में अमीरी झलक रही थी। लेकिन उस ...Read More

जब गोद खाली रह जाती है

January 27, 2026
सुबह का सूरज आँगन में उतर आया था, लेकिन शारदा देवी के भीतर अँधेरा था। आज उनका छप्पनवाँ जन्मदिन था। घर में सब कुछ था— फूल, मिठाइयाँ, रिश्तेदा...Read More

माँ… एक बार और बुला लेती

January 23, 2026
आरती चार बच्चों की माँ थी, और तीन बच्चों की नानी। लेकिन खुद के लिए उसके पास कभी समय नहीं था। घर की रसोई में उसकी मेहनत बसी थी, पूजा के कमरे ...Read More

खामोश आंगन

January 20, 2026
  शाम ढलने लगी थी। आसमान पर बादल इस तरह फैले थे, मानो किसी ने बहुत हल्के हाथों से स्लेटी रंग घोल दिया हो। बस स्टैंड के बाहर नीम के पत्ते ज़म...Read More

अमीर और गरीब माँ की ममता

January 06, 2026
  शहर के पॉश इलाके में एक बड़ा-सा बंगला था। ऊँची दीवारें, महँगी गाड़ियाँ और हर सुविधा मौजूद थी। इस बंगले की मालकिन थी — रिया। रिया पढ़ी-लिखी...Read More
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