यह घर मेरा भी है September 21, 2026 “तुम्हें कितनी बार समझाऊँ, छाया? हर बात में अपनी मनमानी मत किया करो। आखिर यह तुम्हारा घर नहीं है।” विवेक ने गुस्से में यह बात कही और कमरे ...Read More
हक भी बराबर, जिम्मेदारी भी September 20, 2026 सुबह के करीब दस बजे का समय था। आंगन में धूप धीरे-धीरे फैल रही थी। रसोई से चाय की खुशबू पूरे घर में फैल रही थी। कविता रसोई में खड़ी अपनी सा...Read More
बहू को समझा था बेवकूफ, लेकिन… September 20, 2026 “मुझे अपने बेटे राघव के लिए ऐसी लड़की चाहिए, जिसके मायके से उसे सिर्फ़ संस्कार ही नहीं, अच्छी-खासी संपत्ति भी मिले।” तारा देवी ने अपने पति...Read More