दूरी में भी अपनापन May 02, 2026 घर के अंदर हल्की-हल्की हलचल थी, जैसे कोई नया अध्याय शुरू होने वाला हो। अलमारी के दरवाज़े खुले थे, बक्से इधर-उधर पड़े थे और बीच में खड़ी थी...Read More
आख़िरी बार “बाबूजी” May 01, 2026 घर के अंदर एक अजीब-सी खामोशी थी। दीवारों पर टंगी घड़ी की टिक-टिक जैसे हर पल का हिसाब दे रही थी, और उस खामोशी के बीच बैठे थे रघुनाथ बाबू—एक...Read More
फैसले की कीमत May 01, 2026 घर के बड़े ड्रॉइंग रूम में रंग-बिरंगे गुब्बारे लगे थे, केक की खुशबू पूरे घर में फैल रही थी और हँसी की आवाज़ें दीवारों से टकराकर लौट रही थी...Read More
दो बहनों का अधूरा और पूरा प्यार May 01, 2026 रीना चुपचाप खिड़की के पास बैठी थी। हाथ में किताब थी, पर पन्ने कब से नहीं पलटे थे। उसकी छोटी बहन पायल रसोई में मम्मी की मदद कर रही थी और बी...Read More
जिस दिन उसने सिर झुकाना छोड़ दिया May 01, 2026 सुबह की हल्की धूप खिड़की से अंदर आ रही थी, लेकिन घर के अंदर का माहौल ठंडा और चुप था। नैना रसोई में खड़ी चाय बना रही थी। गैस पर उबलती चाय क...Read More
जहाँ सांस मिले, वही घर होता है May 01, 2026 शाम की हल्की ठंडक बालकनी में उतर रही थी। आसमान पर सूरज ढल रहा था, पर नंदिता के भीतर का दिन कब का ढल चुका था। वह रेलिंग पकड़े खड़ी थी और नी...Read More
साथ चलने से ही सफर आसान होता है April 30, 2026 सुबह की हल्की धूप आँगन में उतर रही थी। हवा में ठंडक थी, लेकिन घर के अंदर आज एक अलग ही गर्माहट महसूस हो रही थी—उम्मीद की गर्माहट। करीब डेढ़...Read More