घर का असली सम्मान May 03, 2026 दीवार पर टंगी घड़ी की सुइयाँ अपनी रफ्तार से चल रही थीं, लेकिन सविता देवी का मन जैसे किसी पुराने समय में अटका हुआ था। हाथों में पूजा की थाल...Read More
जब रिश्तों ने नई शुरुआत की May 02, 2026 रश्मि अपने कमरे में बैठी थी। आँखें सूजी हुई थीं, लेकिन इस बार वह रो नहीं रही थी। जैसे आँसू भी थक चुके हों। सामने उसकी तीन साल की बेटी काव्...Read More
अब डर नहीं, हक़ मिलेगा May 02, 2026 “तुमसे जितना हो सके उतना काम कर लो, बाद में आराम ही करना है…” सास की यह बात सुनकर सीमा ने अपने सूजे हुए पैरों की तरफ देखा और चुपचाप झाड़ू ...Read More
अधूरी सी मुस्कान May 02, 2026 रीता लगभग 41 साल की एक गृहिणी थी। उसका घर बड़ा था, परिवार भी अच्छा-खासा था। पति की अच्छी नौकरी थी, पैसों की कोई कमी नहीं थी। तीन बेटे थे—ब...Read More
दूरी में भी अपनापन May 02, 2026 घर के अंदर हल्की-हल्की हलचल थी, जैसे कोई नया अध्याय शुरू होने वाला हो। अलमारी के दरवाज़े खुले थे, बक्से इधर-उधर पड़े थे और बीच में खड़ी थी...Read More
आख़िरी बार “बाबूजी” May 01, 2026 घर के अंदर एक अजीब-सी खामोशी थी। दीवारों पर टंगी घड़ी की टिक-टिक जैसे हर पल का हिसाब दे रही थी, और उस खामोशी के बीच बैठे थे रघुनाथ बाबू—एक...Read More
फैसले की कीमत May 01, 2026 घर के बड़े ड्रॉइंग रूम में रंग-बिरंगे गुब्बारे लगे थे, केक की खुशबू पूरे घर में फैल रही थी और हँसी की आवाज़ें दीवारों से टकराकर लौट रही थी...Read More