सर्दियों की हल्की धूप छत पर फैली हुई थी। छत के एक कोने में छोटा सा किचन बना था। वहीं खड़ी थी नई बहू सिया। सिया की शादी को अभी दो दिन ही हुए ...Read More
सुबह का समय था। रसोई में चाय चढ़ी हुई थी, लेकिन गैस धीमी थी। जैसे घर की रफ्तार भी आज कुछ थमी हुई हो। रीमा (बेटी) कल ही ससुराल वापस गई थी। जा...Read More