दोपहर का समय था। तेज धूप बाहर फैल रही थी, लेकिन छोटे से घर के अंदर अजीब सा सन्नाटा था। गुड्डू आंगन में मिट्टी से खेल रहा था। उसकी मां, शांति...Read More
दोपहर का समय था। राधा ऑफिस से लौटकर थकी हुई सीधे अपने कमरे में चली गई। आज उसका मन कुछ अजीब-सा था, जैसे कुछ गड़बड़ हो। थोड़ी देर बाद वह पानी ...Read More