कमरे में हल्की-सी खामोशी पसरी हुई थी, लेकिन उस खामोशी के भीतर नंदिनी के मन में तूफान चल रहा था। टेबल पर रखा मोबाइल बार-बार चमक रहा था—भाई का...Read More
उस दिन सुबह कुछ अलग थी। आसमान हल्का-सा धुंधला था, जैसे सूरज भी पूरी तरह निकलने से पहले कुछ सोच रहा हो। मैं सुबह छह बजे घर से निकला। दिल में ...Read More