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अपनी उड़ान की कीमत

March 21, 2026
कमरे में हल्की-सी खामोशी पसरी हुई थी, लेकिन उस खामोशी के भीतर नंदिनी के मन में तूफान चल रहा था। टेबल पर रखा मोबाइल बार-बार चमक रहा था—भाई का...Read More

पहचान का असली रंग

March 21, 2026
  शाम ढल रही थी। शहर की सड़कों पर हल्की-हल्की रोशनी जलने लगी थी। उसी भीड़-भाड़ के बीच मीरा अपने ऑफिस से घर लौट रही थी। हाथ में बैग, चेहरे पर...Read More

बराबरी का घर

February 23, 2026
  सर्दियों की धूप आँगन में फैली हुई थी। घर के बाहर आम के पेड़ पर रंगीन झालरें टंगी थीं। आज घर में खुशी का दिन था — सुनीता और अजय की शादी की ...Read More

अब हम खुद संभाल लेंगे

February 02, 2026
  सुबह के साढ़े छह बजे थे। रसोई में चाय उबल रही थी और गैस की धीमी आंच पर दाल चढ़ी थी। सरला देवी चाय छानते हुए बोलीं— “हर महीने वही तीन हज़ार...Read More

उस दिन मैं रुक गया

January 12, 2026
उस दिन सुबह कुछ अलग थी। आसमान हल्का-सा धुंधला था, जैसे सूरज भी पूरी तरह निकलने से पहले कुछ सोच रहा हो। मैं सुबह छह बजे घर से निकला। दिल में ...Read More
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