सोच का आईना April 08, 2026 सुबह का समय था, लेकिन घर में शांति नहीं, बल्कि हल्की-हल्की भागदौड़ थी। अनु किचन में खड़ी थी। एक हाथ से पराठे सेंक रही थी, दूसरे हाथ से टिफ...Read More
मीठे शब्दों का सच April 07, 2026 घर के दरवाज़े पर खड़ी अनु के हाथ हल्के-हल्के कांप रहे थे। नई ज़िंदगी की शुरुआत थी और दिल में ढेर सारे सपने भी। जैसे ही उसने अंदर कदम रखा, ...Read More
वो व्रत जो किसी ने देखा ही नहीं April 07, 2026“भाभी, सच बताना… आपको ये सब व्रत-उपवास सच में अच्छे लगते हैं या बस निभाने के लिए करती हो?” ननद कृति ने हंसते हुए पूछा। नेहा थोड़ी देर चुप रह...Read More
भरोसे की डोर April 07, 2026 सुबह की हल्की धूप खिड़की से अंदर आ रही थी। पूजा अपने दोनों बच्चों को तैयार कर रही थी। चेहरे पर थकान थी, लेकिन बच्चों के सामने उसने मुस्कान...Read More
समझ का एक दिन April 07, 2026 सुमित्रा देवी गैस के सामने खड़ी थीं। एक हाथ से सब्ज़ी चला रही थीं और दूसरे हाथ से कमर पकड़कर दर्द सह रही थीं। चेहरे पर थकान थी, लेकिन आदत ...Read More
डर के उस पार April 06, 2026 अचानक जोर से दरवाज़ा बंद होने की आवाज़ आई और प्रिया की आँख खुल गई। उसने घबराकर उठते हुए घड़ी देखी—आठ बजकर दस मिनट। उसका दिल जैसे धक से रह ...Read More
औकात नहीं, इज़्ज़त बड़ी होती है April 06, 2026 सुबह का समय था। घर के आंगन में हल्की-हल्की धूप फैल रही थी। रसोई से चाय की खुशबू आ रही थी और साथ ही बर्तनों की आवाज़। पूजा जल्दी-जल्दी काम ...Read More