सुबह के करीब आठ बजे थे। घर में रोज़ की तरह हलचल शुरू हो चुकी थी। आँगन में हल्की धूप फैल रही थी और रसोई से चाय और ताज़े नाश्ते की खुशबू पूरे ...Read More
सुबह का समय था। सूरज की हल्की किरणें खिड़की से कमरे के अंदर आ रही थीं। पूजा आईने के सामने खड़ी अपने बाल ठीक कर रही थी। आज उसका एक बहुत बड़ा ...Read More
अमन को इस कॉलोनी में आए अभी ज़्यादा दिन नहीं हुए थे। सरकारी नौकरी लगी थी, इसलिए शहर बदलना पड़ा। कॉलोनी साफ़-सुथरी थी, लोग अपने-अपने काम में ...Read More