बदलाव की शुरुआत

April 29, 2026
  शाम का समय था… हल्की ठंडी हवा चल रही थी और मोहल्ले के बच्चे गली में क्रिकेट खेल रहे थे। उसी गली के एक घर की बालकनी में खड़ी थी संध्या, जो ...Read More

रोटी में कमी नहीं, सोच में थी — एक बेटी का स्वाभिमान

April 28, 2026
  दरवाज़े के बाहर खड़ी बारात की गाड़ियाँ एक-एक करके सजकर तैयार थीं, लेकिन घर के आँगन में खामोशी कुछ ज़्यादा ही गहरी हो गई थी। विदाई का समय थ...Read More

जब माँ बोझ बन गई

April 28, 2026
  आँगन में तुलसी के पास रखा दिया बुझ चुका था, लेकिन घर के अंदर रिश्तों की रोशनी उससे भी पहले बुझ चुकी थी… सावित्री देवी दरवाज़े के पास रखी प...Read More

चुप रहने की कीमत

April 28, 2026
  घर में सुबह का समय था, लेकिन माहौल में ताजगी नहीं… बल्कि एक अनकहा तनाव फैला हुआ था। निधि आज भी सबसे पहले उठी थी। उसने चुपचाप किचन संभाल लि...Read More
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