जिस दिन उसने सिर झुकाना छोड़ दिया May 01, 2026 सुबह की हल्की धूप खिड़की से अंदर आ रही थी, लेकिन घर के अंदर का माहौल ठंडा और चुप था। नैना रसोई में खड़ी चाय बना रही थी। गैस पर उबलती चाय क...Read More
जहाँ सांस मिले, वही घर होता है May 01, 2026 शाम की हल्की ठंडक बालकनी में उतर रही थी। आसमान पर सूरज ढल रहा था, पर नंदिता के भीतर का दिन कब का ढल चुका था। वह रेलिंग पकड़े खड़ी थी और नी...Read More
साथ चलने से ही सफर आसान होता है April 30, 2026 सुबह की हल्की धूप आँगन में उतर रही थी। हवा में ठंडक थी, लेकिन घर के अंदर आज एक अलग ही गर्माहट महसूस हो रही थी—उम्मीद की गर्माहट। करीब डेढ़...Read More
बचत का सम्मान April 30, 2026 आँगन में रखे पुराने नीम के पेड़ की छाँव आज कुछ अलग ही सुकून दे रही थी, लेकिन घर के अंदर माहौल हल्का-सा तनाव भरा था। पूजा चुपचाप रसोई में स...Read More
रुकना भी ज़रूरी है April 30, 2026रसोई की खिड़की से आती हल्की हवा में परदे धीरे-धीरे हिल रहे थे, लेकिन घर के अंदर जैसे सब कुछ थमा हुआ था। आस्था गैस पर खड़ी चाय उबाल रही थी। उ...Read More
झूठ में छिपा सच्चा रिश्ता April 29, 2026 शाम ढल रही थी… बैंक बंद होने का समय करीब था। कर्मचारी अपने-अपने काम समेट रहे थे। तभी दरवाज़े से एक दुबली-पतली बुज़ुर्ग महिला अंदर आई। सिर ...Read More
बदलाव की शुरुआत April 29, 2026 शाम का समय था… हल्की ठंडी हवा चल रही थी और मोहल्ले के बच्चे गली में क्रिकेट खेल रहे थे। उसी गली के एक घर की बालकनी में खड़ी थी संध्या, जो ...Read More