रसोई में प्रेशर कुकर की सीटी लगातार बज रही थी और आँगन में फैले कपड़ों को तेज हवा बार-बार उड़ा रही थी। घर के अंदर काम की भागदौड़ थी, लेकिन मी...Read More
बरसों बाद इस बार जब मैं मायके पहुँची, तो दरवाज़े पर कदम रखते ही कुछ अलग-सा एहसास हुआ। घर वही था, लोग वही थे, लेकिन माहौल बदल चुका था। पहले ज...Read More
बरसात के बाद की सुबह थी। आँगन में पानी की छोटी-छोटी बूंदें अब भी चमक रही थीं। घर के अंदर हल्की सी ठंडक थी, लेकिन माहौल में एक अजीब सा तनाव घ...Read More