रोने का समय किसके पास था

February 23, 2026
  आज घर में ससुर जी का तेरहवाँ था। सुबह से ही आंगन में दरी बिछी थी। बाहर कुर्सियाँ लगी थीं। रिश्तेदारों का आना-जाना लगा हुआ था। बड़ी बहू संग...Read More

बराबरी का घर

February 23, 2026
  सर्दियों की धूप आँगन में फैली हुई थी। घर के बाहर आम के पेड़ पर रंगीन झालरें टंगी थीं। आज घर में खुशी का दिन था — सुनीता और अजय की शादी की ...Read More

गलतफ़हमी की दीवार

February 22, 2026
सुबह का समय था। मोहल्ले में चाय की खुशबू फैल रही थी। औरतें दरवाज़े के बाहर झाड़ू लगा रही थीं और बच्चों को स्कूल भेजने की तैयारी चल रही थी। उ...Read More

टूटा भरोसा, सच्चा प्यार

February 22, 2026
  रात के करीब साढ़े ग्यारह बजे थे। अस्पताल की सफेद दीवारें और तेज़ रोशनी माहौल को और ठंडा बना रही थीं। आदित्य घबराया हुआ था। उसकी बाहों में ...Read More
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