सुबह का समय था। रसोई में चाय चढ़ी हुई थी, लेकिन गैस धीमी थी। जैसे घर की रफ्तार भी आज कुछ थमी हुई हो। रीमा (बेटी) कल ही ससुराल वापस गई थी। जा...Read More
शादी को अभी सिर्फ दो दिन हुए थे। घर में अभी भी मेहमानों की चहल-पहल की खुशबू थी। सुबह का समय था और रसोई में बर्तनों की खनक सुनाई दे रही थी। न...Read More