रसोई की खुशबू

April 18, 2026
सुबह के करीब साढ़े छह बजे होंगे। खिड़की से हल्की धूप अंदर आ रही थी और बाहर गली में दूध वाले की साइकिल की घंटी सुनाई दे रही थी। मीना जी धीरे-...Read More

पापा का अनकहा सच

April 17, 2026
  घर के आँगन में हलचल थी, पर मेरे दिल में अजीब सी घबराहट चल रही थी। आज मेरी छोटी बहन आर्या की शादी के बाद पहली बार उसका मायके आना था। पूरे घ...Read More

आख़िरी सहारा

April 17, 2026
  शांति देवी चुपचाप चाय बना रही थीं। उनके हाथ हल्के-हल्के कांप रहे थे, लेकिन आदत ऐसी थी कि काम रुकता नहीं था। उधर कमरे में रामकिशन जी खांसते...Read More

जिसे बोझ समझा था

April 17, 2026
  बारिश थम चुकी थी, लेकिन छत से टपकती बूंदों की आवाज़ अभी भी घर में गूंज रही थी। अमित दरवाज़े के पास खड़ा जूते पहन रहा था और बार-बार घड़ी दे...Read More

अपनों का स्थान

April 16, 2026
  नेहा सोफे पर बैठी मोबाइल चला रही थी, पर उसकी नज़र बार-बार घड़ी पर जा रही थी। “ओह! अभी तक खाना तैयार नहीं हुआ…” उसने झुंझलाकर कहा। रसोई में...Read More
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