“कुछ रिश्ते टूटते नहीं… बस इंसान को अंदर से थोड़ा-थोड़ा खत्म करते रहते हैं…” कॉलेज के बाहर बनी छोटी सी कॉफी शॉप में बैठा विवान लगातार दरवाज़...Read More
बरामदे में रखे बड़े से झूले पर बैठी रिद्धिमा अपनी दादी को मोबाइल में तस्वीरें दिखा रही थी। चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। आखिर पूरे दो साल बा...Read More
डाइनिंग टेबल पर रखा खाना पूरी तरह ठंडा हो चुका था, लेकिन नेहा अब तक कुर्सी पर उसी तरह बैठी थी। उसकी नजरें बार-बार दीवार पर लगी घड़ी पर जा टि...Read More
बरसात के बाद की उमस भरी दोपहर थी। आसमान में बादल तो छाए हुए थे, लेकिन गर्मी कम होने का नाम नहीं ले रही थी। कानपुर की एक तंग गली में बने छोटे...Read More