रोहन और साक्षी की पहली मुलाक़ात मुंबई के एक कॉर्पोरेट ट्रेनिंग सेशन में हुई थी। दोनों अलग-अलग कंपनियों से आए थे, नाम की पट्टी छाती पर लगी थी...Read More
शाम के लगभग साढ़े आठ बज रहे थे। बस से उतरते समय सीमा के पैरों में जैसे जान ही नहीं बची थी। दिनभर खड़ी रहकर काम करना, फिर लोकल ट्रेन की धक्का...Read More
सुबह के ठीक चार बजे थे। पूरा घर गहरी नींद में डूबा हुआ था, लेकिन कमला देवी की नींद बरसों पहले ही उनसे रूठ चुकी थी। रसोई में जलती एक छोटी-सी ...Read More