हम दोनों की पहली रसोई

February 27, 2026
शादी को अभी सिर्फ दो दिन हुए थे। घर में अभी भी मेहमानों की चहल-पहल की खुशबू थी। सुबह का समय था और रसोई में बर्तनों की खनक सुनाई दे रही थी। न...Read More

आधी रात की दस्तक

February 27, 2026
  रात के ठीक बारह बजे थे। आसमान में काले बादल गरज रहे थे। तेज़ हवा खिड़कियों को हिला रही थी और मूसलाधार बारिश लगातार बरस रही थी। गाँव के किन...Read More

पेंशन की पोटली

February 26, 2026
  सुबह की हल्की धूप आँगन में उतर रही थी। तुलसी के पास दिया अभी भी टिमटिमा रहा था। घर में चाय की खुशबू फैली हुई थी। सावित्री देवी अपनी पुरानी...Read More

सपनों वाली बहू

February 26, 2026
  सुबह का समय था। आँगन में धूप हल्की-हल्की फैल रही थी। रीमा अपनी सास कमला देवी के साथ रसोई में नाश्ता बना रही थी। तभी उसके ससुर रामप्रसाद जी...Read More

अधूरी चिट्ठी की मिठास

February 26, 2026
शाम का समय था। आँगन में तुलसी के पास दिया जल रहा था। मीरा चुपचाप बैठी पुरानी अलमारी साफ कर रही थी। शादी को अभी छह महीने ही हुए थे। नया घर, न...Read More

अब यह घर तुम्हारा है

February 26, 2026
  “सीमा… ज़रा जल्दी करो, मेहमान आने वाले हैं।” बड़ी भाभी की तेज़ आवाज़ रसोई तक पहुँची तो सीमा ने जल्दी से हाथ धोए और दुपट्टा ठीक किया। उम्र ...Read More
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