शादी को अभी सिर्फ दो दिन हुए थे। घर में अभी भी मेहमानों की चहल-पहल की खुशबू थी। सुबह का समय था और रसोई में बर्तनों की खनक सुनाई दे रही थी। न...Read More
शाम का समय था। आँगन में तुलसी के पास दिया जल रहा था। मीरा चुपचाप बैठी पुरानी अलमारी साफ कर रही थी। शादी को अभी छह महीने ही हुए थे। नया घर, न...Read More