अपना आसमान April 03, 2026 दोपहर का समय था। खिड़की से आती हल्की धूप कमरे के फर्श पर बिखर रही थी। रेखा ने दरवाज़ा खोला तो सामने वाले फ्लैट का दरवाज़ा खुला हुआ देखा। “...Read More
मन की खिड़की April 03, 2026 खिड़की के बाहर हल्की-हल्की बारिश हो रही थी। बूंदें कांच पर गिरकर जैसे कोई पुरानी धुन बजा रही थीं। सुमित्रा देवी चुपचाप कुर्सी पर बैठी बाहर...Read More
पहली होली — डर से खुशी तक April 03, 2026 हल्की-हल्की ठंडी हवा चल रही थी। रात का सन्नाटा पूरे घर में फैला हुआ था, लेकिन नेहा की आँखों में नींद बिल्कुल नहीं थी। उसके कानों में अपने ...Read More
एक दिन की छुट्टी… जिसने सब बदल दिया April 02, 2026 सुबह की हल्की धूप खिड़की से अंदर आ रही थी। लेकिन आज घर का माहौल कुछ अलग था। ना रसोई से बर्तनों की आवाज़… ना चाय की खुशबू… और ना ही मम्मी क...Read More
थकान की कीमत April 02, 2026 अलार्म की आवाज़ बंद करते हुए कविता ने धीरे से आँखें खोलीं। घड़ी में सुबह के 5 बजे थे… लेकिन उसका शरीर जैसे उठने से इंकार कर रहा था। रात को...Read More
छांव का एहसास April 02, 2026 सुबह की हल्की-सी ठंडक खिड़की से अंदर आ रही थी। लेकिन घर के अंदर माहौल बिल्कुल गर्म था। “बस अब और नहीं… मैं थक चुकी हूं!” रीना ने तेज आवाज़...Read More
एक छोटी-सी मुस्कान का बड़ा कर्ज April 02, 2026 रसोई में खड़ी सुनीता चुपचाप सब्ज़ी काट रही थी। चाकू की आवाज़ ही जैसे उस सन्नाटे को तोड़ रही थी। उसके चेहरे पर थकान साफ झलक रही थी… लेकिन आ...Read More