अधूरा घर

February 15, 2026
छोटे से गांव में रमेश चौधरी का एक साधारण सा घर था। घर बड़ा नहीं था, लेकिन उसमें अपनापन बहुत था। पत्नी सावित्री, बेटा निखिल और बेटी कृतिका — ...Read More

ममता का नया आसमान

February 15, 2026
  नेहा हर दिन की तरह सुबह जल्दी उठी। उसने अपने छह साल के बेटे आरव को स्कूल के लिए तैयार किया और खुद भी ऑफिस जाने की तैयारी करने लगी। नेहा एक...Read More

हरी चूड़ियों की खनक

February 15, 2026
मेरा नाम कमला बाई है। उम्र 60 साल। मैं शहर के छोटे से रेलवे स्टेशन के बाहर चाय का ठेला लगाती हूँ। सुबह चार बजे उठकर चूल्हा जलाती हूँ, अदरक क...Read More

खामोश दीवारों से बाहर

February 14, 2026
सर्दियों की कड़वी रात थी। घड़ी में दो बज रहे थे। शहर के पुराने हिस्से में स्थित त्रिपाठी परिवार का मकान आधा अंधेरे में डूबा था। अगले दिन घर ...Read More

अधूरा साथ

February 14, 2026
  शाम का समय था। आसमान पर हल्की धूप की आखिरी किरणें ठहर-सी गई थीं। “कविता… मेरी बात तो सुनो!” रोहन बार-बार पुकार रहा था, लेकिन कविता बिना पी...Read More

ताले में बंद रिश्ते

February 13, 2026
दोपहर का समय था। घर के आँगन में धूप हल्की-हल्की फैल रही थी। शंकरलाल जी अपनी पुरानी लकड़ी की कुर्सी पर बैठे अख़बार पढ़ रहे थे। उम्र ढल चुकी थ...Read More
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