सुबह का समय था। आंगन में सुबह की कोमल धूप उतर आई थी। नीम के पेड़ की छाया जमीन पर लहर रही थी और गली में दूधवाले की साइकिल की घंटी सुनाई दे रह...Read More
सुबह के करीब आठ बजे थे। घर में रोज़ की तरह हलचल शुरू हो चुकी थी। आँगन में हल्की धूप फैल रही थी और रसोई से चाय और ताज़े नाश्ते की खुशबू पूरे ...Read More