बराबरी का सम्मान

April 26, 2026
  दोपहर ढल चुकी थी… घर के आँगन में हल्की धूप बिखरी हुई थी, लेकिन घर के अंदर माहौल बिल्कुल शांत नहीं था। “अब इस घर में मेरी कोई सुनता ही नहीं...Read More

आख़िरी मैसेज

April 25, 2026
  शाम ढल चुकी थी। आसमान में हल्की नारंगी रोशनी बाकी थी, लेकिन आरव के कमरे में बस लैपटॉप की नीली चमक थी। हेडफोन लगाए, स्क्रीन पर झुका हुआ, वह...Read More

गलत को नाम देना जरूरी है

April 25, 2026
  दरवाज़े पर लगी घंटी बार-बार बज रही थी… निधि ने घड़ी की तरफ देखा—रात के साढ़े नौ बज चुके थे। इतनी देर से कौन हो सकता है? दरवाज़ा खोलते ही स...Read More

माँ का सम्मान

April 25, 2026
  शाम का समय था… खिड़की से आती हल्की हवा कमरे के पर्दों को हिला रही थी। सरोज जी रसोई में खड़ी थीं। एक हाथ से दाल चला रही थीं और दूसरे हाथ से...Read More
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